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Lock Down 3 : पूर्वांचलियों के नाम पर दिल्ली की राजनीति में मजा लूट रहे मनोज तिवारी संकट में लापता

Lock Down 3 : पूर्वांचलियों के नाम पर दिल्ली की राजनीति में मजा लूट रहे मनोज तिवारी संकट में लापता

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पूर्वी दिल्ली। जब पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। सरकार लोंगों से घरों में रहने और सामाजिक दूरी बनाने की अपील कर रही है। ऐसे समय में दिल्ली में फंसे लाखों पूर्वांचली कामगार मजदूरों का कोई भी नेता दिखाई नहीं दे रहा है। दिल्ली सरकार अपने दम पर सभी को भोजन, राशन और उनके रहने के लिये व्यवस्था कर रही है। दिल्ली सरकार लगभग 5 लाख लोंगों को प्रतिदिन भोजन और बाकी के ज़रूरतममन्दों को सूखा राशन बांट रही है जिससे कि कोई भूखा न रहे।

महामारी के दौरान चल रहे लॉक डाउन का तीसरा चरण शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देश के मजदूरों को अस्वाशन दिया था कि सब को उनके गांव तक पहुंचाने के लिये सरकार व्यवस्था करेगी, लेकिन जब ट्रेन से भेजने की तैयारी शुरू हुई तो लोंगों से रेलवे ने किराया वसूली शुरु कर दिया। आपातकाल में दो महीने से दर दर भटक रहे मजदूरों से जब रेलवे किराया वसूलने लगा तो सोशल मीडिया पर लोंगों ने केंद्र सरकार की आलोचना करना शुरू कर दिया। राजनीति गर्म हो गयी फिर आनन फानन में केंद्र सरकार ने प्रेसवार्ता करके मीडिया को बताया कि 85 प्रतिशत किराया केंद्र सरकार देगी और 15 प्रतिशत राज्यों की सरकार देंगी। मजदूरों से कोई किराया नही लिया जाएगा।

8 मई 2020 को दिल्ली सरकार ने लगभग 1400 मजदूरों को रेलवे के द्वारा दिल्ली से बिहार भेजा गया है लेकिन बिहार सरकार ने किराया नहीं दिया। जहां अपने राज्य के मजदूरों को वापस बुलाने में बिहार सरकार के नीतीश कुमार सबसे पीछे हैं वहीं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से लोक सभा सांसद मनोज तिवारी पूरे लॉक डाउन में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। पूर्वांचलियों के नाम पर दिल्ली का सियासत में मजा लूट रहे मनोज तिवारी दिल्ली में अपने आप को पूर्वांचलियों का मसीहा बताते हैं लेकिन जब साबित करने का समय आया तो बिल में छुप गये है।

दिल्ली पूर्वांचल महासंघ ने मनोज तिवारी को कायर, स्वार्थी और डरपोक नेता बताया है। उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी अवसरवादी व्यक्ति हैं। आज जब पुरबिया लोंगों को इस आपदा के समय में एक नेता की आवश्यकता है जो लोंगों को भोजन और रहने की व्यवस्था के साथ साथ उन्हें उनके गांव भेजने का इन्तेजाम कर सके तो ऐसे समय में वह ग़ायब है। संघ के प्रवक्ता शशि सिंह ने कहा कि वक़्त आने पर यही बिहारी समाज मनोज तिवारी को उनकी अवकात बतायेगा।

ग़ौरतलब है पूरे लॉक डाउन के दौरान मनोज तिवरी कहीं भी दिखाई नहीं दिए हैं। जब कि भाजपा में जो वह मलाई खा रहे हैं वह पूर्वांचली के वजह से ही सम्भव हो रहा है। मनोज तिवारी के व्ययव्हार से पूर्वांचली समाज बहुत आहत है और लोंगों ने कहा कि वक़्त आने पर तिवारी को पूर्वांचली अपनी शक्ति का एहसास करवायेंगे। आज बिहार और यूपी के मजदूरों की हालत बहुत दयनीय है केंद्र सरकार द्वारा कोई ठोस नीति नहीं बनाये जाने के वजह से लोग हजारों किलोमीटर पैदल चल कर घर जाने को मजबूर हैं लेकिन कोई भी नेता आगे आकर व्यवस्था संभालने को तैयार नही हैं। जिसके कारण लोग पैदल हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं जिसकी वजह कई लोंगों की जान भी जा चुकी है। Post By : KD Siddiqui, Email – editorgulistan@gmail.com

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