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Bhim Army : राष्ट्रीय राजनीति का उभरता हुआ चेहरा हैं चन्द्रशेखर आज़ाद (रावण)

Bhim Army : सामाजिक न्याय एवं अधिकार की लड़ाई लड़ रहे भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर आज़ाद राष्ट्रीय राजनीति का एक उभरता हुआ चेहरा बन चुके हैं। उनके कार्यों से प्रभावित हो कर करोड़ों नौजवान उनको फॉलो कर रहे हैं। भारत की राजनीति में चन्द्रशेखर आज़ाद सबसे युवा और युवाओं के पसंदीदा नेता बन गए हैं। देश में जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार, महिलाओं के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ और सर्व समाज के सम्मान के लिये एक मिशन पर कार्य कर रहे चन्द्रशेखर आज़ाद समाज सेवी संगठन भीम आर्मी के बैनर तले देश के कोने कोने अपनी पहुंच बना चुके हैं।
Bhim Army : देश भर जहां भी महिलाओ पर जुल्म और समाज के साथ भेदभाव की खबर मिलती है, भीम आर्मी वहां पहुंच कर उनको न्याय दिलवाने के लिये आवाज़ बुलंद करता है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़ित लोग उत्पीड़न और अत्याचार के मामलों में पुलिस के पास जाने के बजाय लोग भीम आर्मी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। आज़मगढ़ में दलित प्रधान की हत्या, हाथरस बलात्कार मामला, एमपी में पांच परिवारों की हत्या हो या फिर दिल्ली में नाबालिग की बलात्कार के बाद हत्या का मामला, हर जगह भीम आर्मी प्रमुख ने पहुंच कर मामले को पूरे ज़ोर शोर से उठाया और नतीजतन वहां सरकारों को मामले को संज्ञान में लेना पड़ा। साधारण लोंगों के नजदीक जाकर उनसे मिलना, उनके दुःख दर्द में शामिल होना, लोंगों को खूब पसंद आ रहा है। सामाजिक परिवर्तन के लिये लम्बे समय से कार्य कर रहे चन्द्रशेखर आज़ाद को जब लगा कि सत्ता हासिल किये बदलाव मुमकिन नहीं है तो उन्होंने वर्ष 2020 में आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम के नाम से राजनैतिक दल का गठन किया है। मात्र दो वर्षों में आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम से देश भर से करोड़ो लोग जुड़ चुके हैं।

Bhim Army : ऐसे वक्त में जब पूरा देश जातिवाद, ऊंच नीच, हिन्दू, मुसलमान, मस्जिद और मन्दिर के लिये एक दूसरे से लड़ रहा है, मंहगाई और भुखमरी से जूझ रहा है, गुलाम मीडिया नेताओ के तलवे चाट रही है, बड़े बड़े नेता और समाज सेवी अन्याय के खिलाफ बोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे वक्त में चन्द्रशेखर आज़ाद अकेला ऐसा नेता है जो जातिवाद, धर्मवाद, अन्याय, अत्याचार, और सामाजिक असमानता के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। जिसके लिये उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। जहां चन्द्रशेखर आज़ाद भारत की राष्ट्रीय राजनीति में निखरते जा रहे हैं वहीं बड़े बड़े राजनैतिक दलों की नींद उड़ी हुई है। चन्द्रशेखर आज़ाद सिर्फ दलितों के नहीं बल्कि एससी, ओबीसी और माइनॉरिटी समाज के सबसे पसंदीदा नेता बन चुके हैं, इनकी बढ़ती हुई लोकप्रियता से राजनीति के धुरंधरों को पसीना आ रहा है। Post by : KD Siddiqui, Email-editorgulistan@gmail.com