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Bhim Army News : संसाधनों के अभाव में अपना और परिवार की जान जोखिम में डाल कर रोज़ कोरोना से लड़ रहे सफाई कर्मियों की सुध लेने वाला कोई नहीं -हिमांशु वाल्मीकि

Bhim Army News : दिल्ली। देश भर में गन्दगी उठाने और सफाई की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर अनेक समस्यों से जूझते हुए सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने वाले सफाई कर्मियों के दर्द को आज तक किसी ने महसूस नहीं किया। उनके रहन सहन, उनके बच्चों की पढ़ाई, सामाजिक विकास और बदलाव के कभी भी सरकार ने कोई योजना नहीं बनाया। सफाई करना, गंदी उठाना, लोगों के घरों से कूड़ा उठाना आदि इनके लिए अनिवार्य कर दिया गया। यह विडंबना है कि भारत आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है तब लोग सीवर के अंदर जा कर सफाई करते हुए मर जा रहे हैं और किसी का ध्यान इस तरफ जाता ही नहीं है। सरकारों ने सफाई आयोग बना दिया गया लेकिन उसके अधिकारों को संकुचित कर के अपाहिज बना दिया गया। नतीजा यह हुआ कि दलित समाज ने इन्हीं कार्यों को अपने नाम कर लिया और भविष्य की चिंता छोड़ इन्हीं कार्यों में लग गए।

Bhim Army News : सुबह जब हम मीठी नींद में सो रहे होते हैं तब हमारे घरों के बाहर गलियों की सफाई, नालियों की सफाई और कूड़ा उठाने वाले फरिश्तों के विषय कभी सोचा आपने ?

Bhim Army News : सफाई कर्मियों के नाम पर सियासत खूब होती है, नेताओं को उसका फायदा भी मिल रहा है लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल नहीं बदली है। कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा मुल्क अपने बचाव के लिये घरों में छिपा है तब सफाई कर्मी अपने जान की परवाह किये बगैर देश की सफाई, कूड़ा उठाने, दवाईयों का छिड़काव करने, कोरोना से मरे हुए लोगों की लाशों को उठाने आदि जोखिम भरे कार्यों को निरन्तर पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन यह कोरोना योद्धा नही बन पाये क्योंकि यह सब दलित हैं।

Bhim Army News : यह समाज आदिकाल से जातिवादी व्यवस्था का शिकार होता रहा हैं।
दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने स्वस्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों के साथ साथ स्कूल के अध्यापकों को कोरोना योद्धा घोषित किया हुआ है और कोरोना के दौरान उनके परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता की राशि देने की योजना बनाया हुआ है लेकिन सफाई कर्मियों के लिये कुछ भी नहीं है, और न ही दिल्ली सरकार और भाजपा शासित एमसीडी ने इस विषय पर कभी सोचने या योजना बनाने पर विचार करना आवश्यक समझा, क्योंकि मुफ्त बिजली और पानी के नाम पर तो उनका वोट मिल ही रहा है। यही हाल कॉंग्रेस के कार्यकाल में था।

Bhim Army News : आज़ादी के बाद पहली बार #भीम_आर्मी (भारत एकता मिशन) नामक सामाजिक संगठन देश भर के सफाई कर्मियों के हक़ की लड़ाई लड़ रहा है। भीम आर्मी के संस्थापक मा चंद्रशेखर आज़ाद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा विनय रतन साहब व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीकि की टीम निरन्तर दलितों, शोषितों, वंचितों, अल्पसख्यकों, पिछड़े और अतिपिछड़ों के अधिकारों, के मान सम्मान के लिये केंद्र और राज्य सरकारों से आमने सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
इस लड़ाई में अनेकों बार सन्गठन के संस्थापक मा चंद्रशेखर आज़ाद को जेल भी जाना पड़ा है। सत्ता में बैठे जातिवादी लोग लगातार चंद्रशेखर आज़ाद को कमज़ोर करने का निरन्तर प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके इस असफल प्रयास से सन्गठन और चंद्रशेखर आज़ाद का हौसला और बढ़ रहा है। चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में कार्य कर रही #Bhim Army के कार्यों को देख कर बहुजन समाज में एक नई चेतना जागृत हुई है और लोंगों में विश्वास पैदा हुआ है कि उनके अधिकारों का हनन और सामाजिक उत्पीड़न अब बन्द होगा, अब बहुजन समाज को न्याय, अधिकार और सम्मान मिलेगा। इसी वजह से बी देश भर से बड़ी संख्या में भीम आर्मी से जुड़ रहे हैं।
Bhim Army News : इस कोरोना महामारी में भीम आर्मी कोरोना योद्धा सफाई कर्मियों के साथ हो रहे भेदभाव पर निरन्तर नज़र बनाये हुए है और कोरोना के दौरान मृत परिवारों को एक करोड़ सहायता राशि की अपनी मांग पर अडिग है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीकि ने यह मांग दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के सामने रखा है। भीम आर्मी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीकि ने कहा है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नही किया गया तो लॉक डाउन के खुलते ही पूरी दिल्ली के सफाई कर्मी अपने अधिकारों के लिये सड़कों पर आंदोलनरत होंगें। Report- KD Siddiqui, Email-editorgulistan@gmail.com