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Chattisgarh : सिपाही अविनाश राय ने मासूम बच्ची को 50 जगह सिगरेट से जलाया

Chattisgarh : सिपाही अविनाश राय ने मासूम बच्ची को 50 जगह सिगरेट से जलाया

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by October 31, 2020 National

Chattisgarh : छत्तीसगढ़ के बालोद में अविनाश राय नाम के पुलिसकर्मी ने डेढ़ साल की बच्ची के शरीर को लगभग 50 जगह सिगरेट जलती सिगरेट लगा कर जला डाला। इस आतंकी ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बच्ची की मां उधारी के पैसे नही लौटा पा रही थी। मैं दावे से कह सकता हूं कि आरोपी अविनाश राय ने क़ुरान नहीं पढ़ी होगी, कभी मदरसा भी नहीं गया होगा, कभी जमात में भी नहीं गया होगा फिर भी उसने ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम दे डाला।

Chattisgarh : मैं यह नहीं कहता कि आरोपी तो संविधान की शपथ लेकर पुलिस में भर्ती हुआ था, इसलिए उसने यह सब उसी किताब से सीखा, मैं यह भी नहीं कहता कि इस मासूम बच्ची ने उसके धार्मिक अथवा सामाजिक आस्था पर चोट की थी इसलिए अविनाश ने ऐसा किया। मैं यह भी नहीं कहता कि आरोपी अविनाश को यह शिक्षा उसके धर्म ग्रंथ से मिली थी, मैं यह भी नहीं कहता कि उसे यह शिक्षा अपने घर परिवार से मिली थी। मैं यह भी नहीं कहता कि आरोपी जिस धर्म संप्रदाय जाति से है उसमें यही सब सिखाया जाता है, उस संप्रदाय के तमाम लोग ऐसे ही हैं। मैं बालोद के अविनाश राय की करतूत पर मेरठ के किसी गांव के सतवीर राय की जवाबदेही भी तय नहीं कर सकता। मैं राय समुदाय को पूरे देश में शंकाग्रस्त भी नहीं बनाना चाहता।

Chattisgarh : ऐसी बहुत सी बातें हैं जो मैं कहना नहीं चाहता। मैं ऐसा क्यों नहीं चाहता? इसके बहुत सारे कारण हैं, और मुख्य कारण यह है कि दुनिया के किसी भी कोने में जब कोई मुस्लिम अपराध करता है, तो उसके अपराध की सजा मुझे दी जाती है, मेरे धर्म को गालियां देकर, मेरा फोबिया दिखाकर, मेरी वेशभूषा खान पान पर अनर्गल टिप्पणियां की जातीं हैं। मैं जानता हूं कि जब किसी शख्स के अपराध की सजा उसके समाज को दी जाती है, तो कैसी पीड़ा होती है। इसलिए मैं इस तरह की सजा तय करने वालों द्वारा तैयार किए गए ढर्रे पर नहीं चलना चाहता। मैं चाहता हूं कि इस पुलिसकर्मी को न सिर्फ जेल में डाला जाए बल्कि इसे नौकरी से बर्खास्त किया जाए, क्योंकि वर्दी की आड़ में छिपा बैठा यह शख्स समाज का रक्षक नहीं बल्कि अपराधी है।
Wasim Akram Tyagi✍✍

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