Skip to Content

Bhim Army : चंदरशेखर आज़ाद के बढ़ते राजनैतिक कद से क्यों परेशान है बसपा और भाजपा ?

Bhim Army : चंदरशेखर आज़ाद के बढ़ते राजनैतिक कद से क्यों परेशान है बसपा और भाजपा ?

Closed
by October 1, 2020 National

Bhim Army : दिल्ली। यूपी की बिगड़ती कानून व्यवस्था के ज़िम्मेदार योगी आदित्य नाथ ने अपने कार्यकाल का ज्यादा समय धार्मिक कार्यों, मंदिरों और मठों के विकास पर खर्च किया, और राजनैतिक अनुभव की कमी के कारण नौकरशाही दिन पर दिन बेलगाम होती गयी, जिसका नतीजा यह हुआ कि अपराध और भ्र्ष्टाचार चरम पर पहुँच गया है। 14 सितंबर 2020 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या का प्रयास किया गया, भ्र्ष्ट पुलिस प्रशासन ने मामले को रफा दफा करने के चक्कर में पीड़िता के इलाज पर ध्यान नहीं दिया।

Bhim Army : भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद के अलीगढ पीड़िता से मिलने जाने के बाद से उत्तर प्रदेश सरकार चेतना में आयी और आनन फानन में आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता कि घोषणा किया गया। इस मामले में चंद्रशेखर आज़ाद के हस्तक्षेप के बाद लीपापोती करने में लगे हाथरस के डीएम और एसपी की नींद खुली और उन्होंने तत्काल हत्या एवं बलात्कार का मामला दर्ज किया जबकि इससे पहले पुलिस बार बार यह कह रही थी कि पीड़िता की रीढ़ की हड्डी नहीं टूटी है और उसकी जीभ भी नहीं काटी गयी है।

Bhim Army : चंद्रशेखर के दबाव के कारण ही पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया जबकि चंद्रशेखर ने वहां भी आपत्ति जताई थी कि पीड़िता का इलाज एम्स में क्यों नहीं ? 28 सितंबर 2020 को चंद्रशेखर आज़ाद बिहार में थे। 29 सितंबर 2020 को जैसे ही बलात्कार पीड़िता की मौत की खबर मिली वह तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली पहुँच कर उन्होंने व्यवस्था में हुई लापरवाही और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके धरने पर बैठने के बाद से उत्तर प्रदेश सरकार की नींद उड़ गयी और फिर उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के सहयोग से चंद्रशेखर आज़ाद को वहां से उठा कर गुप्त स्थान पर रख दिया और जल्दबाजी में पीड़िता के शव को उसके गांव में ले जा कर बिना परिजनों की सलाह और उनेह शामिल किये ही रात्रि ढाई बजे उसकी चिता को आग के हवाले कर दिया।

Bhim Army : चंद्रशेखर आज़ाद को 30 सितंबर 2020 यूपी पुलिस ने उनके गांव छुटमलपुर के उनके घर में नज़रबंद कर दिया। घर के बाहर पुलिस फ़ोर्स लगा दिया गया और बताया गया कि आप के बाहर निकलने से माहौल खराब हो सकता है, इस लिए आप को घर ही नजरबंद किया जाता है। 01 अक्टूबर 2020 शाम भीम आर्मी के दिल्ली प्रदेश अध्य्क्ष हिमांशु वाल्मीकि ने ट्वीट करके बताया कि चंद्रशेखर आज़ाद अपने घर से दिल्ली के निकल चुके हैं। जिससे यह पता चला की उनके ऊपर से प्रतिबंध हटा लिया गया है। चंद्रशेखर आज़ाद के उठाये गए हाथरस बलात्कार के मामले पर आज राजनीती करने के लिए ढेर सारे राजनैतिक दल सड़कों पर हल्ला गुल्ला कर रहे हैं लेकिन मानसिकता क्या है यह देश जान चूका है।

Bhim Army : उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव के एक किसान का अम्बेडकर वादी विचारधारा से ओतप्रोत बेटा आज भारत के लगभग हर राज्य में अपने उच्च विचारों और न्याय के लिए जाना जाता है। चंद्रशेखर आज़ाद को लोग इस लिए जानते हैं क्योंकि वह न्याय, अधिकार और सम्मान की बात करते हैं। देश के किसी कोने में जहाँ किसी के ऊपर अत्याचार, अन्याय की सूचना मिलती है वह वहां पहुँच कर उसे न्याय दिलाने का कार्य करते हैं। चंद्रशेखर आज़ाद से देश का हर दलित, मुस्लिम, शोषित और पीड़ित युवक जुड़ना चाहता है, क्योंकि उसे व्यवस्था से ज्यादा चंद्रशेखर आज़ाद पर भरोसा है। भीम आर्मी के बढ़ते परिवार से सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि केंद्र की सरकार भी चिंतित है।

Bhim Army : चंद्रशेखर आज़ाद ने भारत की राजनीती का चाल चरित्र और चेहरा बदल दिया है। वीआईपी कल्चर से दूर तक कोई नाता नहीं रखने वाला एक साधारण युवक मूंछों पर ताव देता हुआ जब लोगों के बीच पहुँचता है लोगों की छाती फूल जाती है। आज हालत यह है कि देश के करोड़ों युवा चंद्रशेखर आज़ाद के दीवाने हैं और उनको फॉलो कर रहे हैं और उनको अपना नेता मानते हैं। आज़ाद समाज पार्टी की घोषणा के बाद से देश भर में पार्टी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी एक विकल्प के रूप में सामने आयी है। भारी संख्या में लोग सदस्य्ता ग्रहण कर रहे हैं। आज़ाद समाज पार्टी ने यूपी से लगभग बसपा का सफाया कर दिया है और कांग्रेस, सपा और बसपा में बिखरे मुसलमानों को संगठित करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।

चंद्रशेखर आज़ाद के राजनीती में उतरने के बाद और उनके कार्य करने की स्टाइल से राजनैतिक धुरंधरों की नींद उडी हुई है। बिहार विधानसभा चुनाव में एक तीसरा मोर्चा बना कर चंद्रशेखर आज़ाद ने लोगों को चौंका दिया है। राजनीती के जानकारों का अनुमान है कि आज़ाद समाज पार्टी बिहार से खाता खोलेगी और 2022 में उत्तर प्रदेश में किंग मेकर की भूमिका में उभर कर सामने आएगी। यही कारण है चंद्रशेखर आज़ाद भाजपा और बसपा की आँखों में खटक रहे हैं और उत्तर प्रदेश सरकार उनकी एक एक हरकत पर चौकन्ना रहती है। Post By- KD SIDDIQUI, Email-editorgulistan@gmail.com

Previous
Next