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Political News : अन्ना और केजरीवाल के इण्डिया अगेंस्ट करप्शन आन्दोलन में भाजपा और आरएसएस का था सहयोग – प्रशांत भूषण

Political News : अन्ना और केजरीवाल के इण्डिया अगेंस्ट करप्शन आन्दोलन में भाजपा और आरएसएस का था सहयोग – प्रशांत भूषण

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by September 17, 2020 National

Political News : दिल्ली। कांग्रेस पार्टी को कमज़ोर करने के लिए भ्र्ष्टाचार के ख़िलाफ़ वर्ष 2011 में समाजसेवी अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल द्वारा आयोजित आंदोलन को भाजपा और आरएसएस का भरपूर समर्थन मिला हुआ था। इसका खुलासा किया है मशहूर कानून विद प्रशांत भूषण ने। 16 सितंबर 2020 बीबीसी के वेबपोर्टल पर प्रकाशित कि खबर के अनुसार प्रशांतभूषण ने राजदीप सरदेसाई को दिए एक साक्षात्कार में इस बात का खुलासा किया है कि अरविन्द केजरीवाल को सब पता था और उन्होंने भाजपा और संघ से मिल कर कांग्रेस पार्टी को उखाड़ फेकने की योजना बनाया था लेकिन अन्ना हजारे इससे अनभिज्ञ थे।

Political News : इस आंदोलन के बाद से कांग्रेस कमज़ोर हुई और भाजपा को फायदा हुआ और जब अन्ना हज़ारे को अरविन्द केजरीवाल की चाल का आभास हुआ तो उन्होंने अपने आप को राजनीती से अलग कर लिया। भाजपा, संघ और केजरीवाल अपनी योजना में सफल रहे और देश को गुमराह करके केंद्र में भाजपा सरकार बनाने में कामयाब रही और दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल।

Political News : देश को भ्र्ष्टाचार से मुक्ति दिलाने का वादा करने वाली केजरीवाल सरकार ने पांच साल तक धर्निर्पेक्षता का मुखौटा पहन कर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करके, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में छूट देकर लोगों के बीच में अपनी स्वच्छ छवि बनाने में कामयाब रहे लेकिन 2019 में नागरिकता संसोधन कानून के आने के बाद से अरविन्द केजरीवाल के चेहरे से धर्मनिरपेक्षता का नकाब धीरे धीरे उतरने लगा। दिल्ली दंगे में कपिल मिश्रा का समर्थन और दंगे के बाद पीड़ितों की सहायता करने वाले आम आदमी पार्टी के एमएलए अमानतुल्लाह को वक़्फ़ बोर्ड से हटाने और कोरोना महामारी में तब्लीगी जमात का प्रेस नोट में अलग से कॉलम बनाने के बाद दिल्ली सरकार को नोटिस करने वाले अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर ज़फरुल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई के बाद से अरविन्द केजरीवाल का संघी चेहरा बिलकुल बेनकाब हो गया।

Political News : दिल्ली के साम्प्रदायिक दंगे और कोरोना महामारी के दौरान तब्लीगी ज़मात पर हमला करके अरविन्द केजरीवाल ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेल कर 2019 में पुनः अपनी सरकार बनाने में कामयाबी हासिल कर लिया। कोरोना महामारी में तब्लीगी जमात के साथ साथ केजरीवाल ने देश भर के मुसलमानों को बदनाम करने की शुरुआत किया जिसे मीडिया ने झपट लिया और जगह जगह मुसलमानों पर हमले होने लगे, लोगों के दिमाग में मीडिया ने यह भरने का प्रयास किया कि देश में फैली इस महामारी का ज़िम्मेदार सिर्फ और सिर्फ मुस्लमान है।

Political News : अब जब दिल्ली पुलिस साम्प्रदायिक दंगे के मामले की जाँच कर रही है और एक तरफा कार्रवाई करके बेगुनाह मुसलमानों को फंसाया जा रहा है, उनको आतंकवादी बनाने का प्रयास किया जा रहा है तो ऐसे वक़्त में केजरीवाल की चुप्पी से दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के मुसलमानों की आँख के सामने से पर्दा हटने लग गया है।

Political News : अब अगर आप लोग गौर करेंगे तो मिलेगा की प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आनंद कुमार, आशुतोष, कुमार विश्वास और अजीत झा के पार्टी से निकलने के बाद से अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सरकार और पार्टी चला रहे हैं। मुसलमानों को फंसाने के लिए मुस्लिम विधायक हैं, जिन्होंने सत्ता के लालच के लिए अपनी आँख और मुंह पर ताला लगाया हुआ है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकिट देना केजरीवाल की मजबूरी है। केजरीवाल के साथ कभी भी किसी मंच पर या प्रेसवार्ता कोई मुस्लिम नेता नहीं देखा होगा और जो संस्थापक मुस्लिम सदस्य हैं उनको पार्टी की अल्पसंख्यक विंग में समेट दिया गया है, बाकि लोगों को चुप रखने के लिए माईनोर्टी विंग बना कर उसमें सबको समेट दिया है लेकिन कोई अधिकार किसी के पास नहीं है।

Political News : केजरीवाल ने अपनी पार्टी से किसी भी मुस्लिम नेता को प्रमोट नहीं किया जिससे कि वह प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर का नेता बन सके। जो जीत कर आये हैं उनके सहारे सरकार चल रही है लेकिन अब वक़्त आ गया है मुस्लमान अपने अधिकारों को पहचाने और ऐसे फरेबियों से अपने आपको बचाएं जो हमारे घरों को जलवा कर जहाँ हमें आर्थिक रूप से कमज़ोर कर के बीस साल पीछे धकेल रहा है, वहीं हमारे युवाओं को जेल भेज कर उनका भविष्य बर्बाद करने और आतंकवादी बनाने का कार्य कर रहा हैं। Updated By- KD Siddiqui, Email- editorgulistan@gmail.com

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