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Vikas dubey Surrender : जब व्यवस्था मुजरा कर रही थी, तब मदमस्त सत्ता विकास दूबे के सरेंडर का स्क्रिप्ट तैयार कर रही थी

Vikas dubey Surrender : जब व्यवस्था मुजरा कर रही थी, तब मदमस्त सत्ता विकास दूबे के सरेंडर का स्क्रिप्ट तैयार कर रही थी

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Vikas dubey Surrender : व्यवस्था भी नाचने वाली के कोठे की तरह से है। जिसका काम है कोठे पर आने वाले का स्वागत करना और उसकी फरमाईश पर नृत्य करना। कोठे पर आने वाले मेहमान बदलते रहते हैं और व्यवस्था उनके अनुसार काम करती रहती है। व्यवस्था का दर्द और जख्म देखने वाला कोई नहीं है क्योंकि व्यवस्था सदा किसी के साथ नहीं रहती है। जब तक जिसके पास रहती है तब तक वह उसका दोहन, शोषण, बलात्कार करता है। इस समय यूपी की व्यवस्था भाजपा के पास है और सत्ताधारी मदमस्त है, व्यवस्था मुजरा कर रही है। नाचते नाचते उसके पैरों से खून निकल रहा है लेकिन उसका दर्द और उसकी तड़पन को सुनने वाला कोई नहीं।

Vikas dubey Surrender : 3 जुलाई 2020 को सुबह उठते ही जब लोगों ने अख़बार की सुर्खिया और टेलीविजन की ब्रेकिंग न्यूज़ देखा तो लोगों के होश उड़ गए। कानपूर के थाना चौबेपुर अंतर्गत ग्राम डिकरू में कुख्यात अपराधी विकास दूबे ने अपने साथियों के साथ मिल कर पुलिस के आठ जवानों को मौत के घाट उतार दिया। उस घटना के बाद से सत्ता दुबे को बचाने और व्यवस्था उसे ठोंकने का मौका तलाश कर रही थी लेकिन आज व्यवस्था हार गयी, सत्ता अपनी जीत का जश्न मना रही है। पुलिस विभाग अपने जवानों की हत्या से तिलमिलाया था और तत्काल बदला लेने के लिए तड़प रहा था लेकिन हत्यारा विकास दुबे कोई जेब कतरा या डकैत तो था नहीं कि पुलिस घेर कर घंटे भर में ढेर कर देती। बल्कि विकास दुबे तो व्यवस्था रूपी कोठे पर जा कर मुजरा सुनने वाले उन मेहमानों में से एक है जो व्यवस्था का सञ्चालन कर रहे हैं।

Vikas dubey Surrender : यह एक चौकाने वाली घटना थी कि पुलिस की हर योजना की जानकारी विकास दुबे को पहले ही मिल जाती थी और थाना चौबेपुर का थाना अध्यक्ष विनीत तिवारी और ग्राम डिकारु का बीट ऑफिसर एसआई कृष्णकांत शर्मा विकास दुबे के लिए पुलिस की मुखबिरी करते थे। इन्हीं दोनों की मुखबिरी के कारण 03 जुलाई २०२० को जब चौबेपुर पुलिस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में विकास दुबे को दबोचने की योजना बना रही थी, जिसकी सूचना दुबे को पहले ही मिल गयी थी। नतीजा यह हुआ कि विकास दूबे ने पुलिस के आने से पहले चक्रव्यूह बना लिया और पुलिस के चक्रव्यूह में घुसते ही आठ जवानों को ढेर कर दिया और बाकि के लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाया।

Vikas dubey Surrender : 03 जुलाई से पुरे उत्तर प्रदेश की सभी सीमाएं सील है। सीमावर्ती राज्यों में एलर्ट जारी है बावजूद इसके विकास दुबे बड़ी आसानी से एमपी की सीमा में प्रवेश करता है और उज्जैन के महाकाल मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड द्वारा पुलिस को सूचित करवाता है। एमपी पुलिस ने 09 जुलाई 2020 को यह जानकारी मिडिया को दिया की यूपी का मोस्टवांटेड अपराधी विकास दूबे उज्जैन महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी जिसके लिए पूरा यूपी लॉक किया हुआ है वह एमपी में प्रवेश कर गया।

Vikas dubey Surrender : यहाँ दो बातें गौर करने वाली हैं –
1 – पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी और जवान अपने साथियों का बदला लेने के ब्याकुल हो रहे थे।
२- वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्था चलाने वालों के सामने मुजरा कर रहे थे। उनेह आठ सिपाहियों की मौत से न कोई दर्द हुआ और न ही कोई अफ़सोस।
योगी सरकार के सामने यूपी का चुनाव है, उनके दिमाग में राजनैतिक खेल चल रहा था कि अगर दुबे का एनकाउंटर होता है तो ब्राह्मण समाज का वोट दूसरी तरफ सरक जायेगा। रह गयी बात मरने वालों की तो उसमें ब्राह्मण, यादव और दलित सभी लोग हैं, उनको सहायता राशि दे ही दिया गया है। इस लिए पुलिस विभाग के दर्द को दरकिनार करके योगी सरकार ने अपने राजनैतिक लाभ के लिए दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का बचाव करते हुए नाटकीय ढंग से उसकी गिरफ्तारी भाजपा शासित राज्य एमपी में करवाया है। अब इसे आप चाहे सरेंडर समझो चाहे गिरफ्तारी। 8 हत्याओं का चैप्टर आज बंद हो गया। यह असम्भव नहीं है कि विकास दुबे आने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकिट पर कहीं से उम्मीदवार होगा। By : KD Siddiqui, Email- editorgulistan@gmail.com

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